October 12, 2018

यू-ट्यूब से पकवान सीखकर सकरी गांव की चंद्रिका ने बढ़ाया किचन का जायका

स्काई योजना के तहत बांटे गए मोबाइल फोन का स्मार्ट यूज करने में गांव की महिलाएं आगे हैं। बलौदा बाजार जिले के सकरी गांव की चंद्रिका लहरी की कहानी कुछ ऐसा ही बयान कर रही है। हाथ में मोबाइल फोन आते ही चंद्रिका ने यू-ट्यूब से चायनीज, साउथ इंडियन, नार्थ इंडियन रिसिपी सीखा और किचन का जायका ही बदल डाला। पति विजय कुमार लहरी तो खुश हैं ही सास-ससुर के मुंह का स्वाद भी बदल गया है। बेटा मनीष और बेटी हुमांगी भी अब पूरा खाना चट कर जाती है।

पहले किचन में रोज छत्तीसगढ़ के पकवान ही बना करते थे। दाल-भात, सब्जी और चटनी। नाश्ते में कभी चीला तो कभी फरा। बहुत ज्यादा हुआ तो पकोड़े तल लिए, जैसा की छत्तीगढ़ी परिवारों में होता ही है। पूरा परिवार वही-वही व्यंजन खाकर ऊब चुका था। सास-ससुर की शिकायतें अलग। कभी-कभी बच्चे आधा ही खाना खाकर उठ जाया करते थे। जब चंद्रिका के हाथ में स्मार्ट फोन आया तो किसी ने उन्हें यू-ट्यूब के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने यू-ट्यूब पर सर्च करना शुरू किया। अब उनके घर हरेक रविवार की शुरुआत अलग पकवान से होती है।

बेटा मनीष दूसरी क्लास में है और बेटी हुमांगी इसी साल से स्कूल जा रही है। चंद्रिका ने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की भी प्लानिंग शुरू कर दी है। वे इंटरनेट के जरिए लर्निंग मटेरियल निकालकर बच्चों को सिखा रही हैं। मनीष का गणित स्ट्रांग करने के लिए उसे फार्मूले सिखा रही हैं और हुमांगी को छोटे-छोटे राइम्स भी सिखा रही हैं। इसके अलावा रिश्तेदारों से संपर्क करना और वीडियो कॉल के जरिए बात करना एक अलग ही अनुभव है। चंद्रिका का कहना है कि सरकार ने इस योजना के जरिए हर गरीब को स्मार्ट बना दिया है। खासकर महिलाओं की लाइफ स्टाइल में काफी बदलाव हुआ है।

अापको बता दें कि स्मार्ट फोन को लेकर दुनियाभर में प्रयोग हुए और शोध भी किए गए हैं। शोध से पता चलता है कि मोबाइल प्रौद्योगिकी महिलाओं को बेहतर अवसर प्रदान करके लिंग असमानताओं को कम करने में मदद कर सकती है। स्मार्टफोन एमओयूसी के माध्यम से ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तक पहुंच प्रदान करके साक्षरता, शिक्षा और कौशल अंतर को कम करने में मदद कर सकते हैं। उपयोगकर्ता  स्व-केंद्रित मॉड्यूल शैक्षणिक सामग्री का लाभ कभी भी कही भी ले सकते हैं। स्मार्टफोन के माध्यम से महिलाओं को आजीविका और नौकरी के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकते है।

ऐसे कई प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप हैं जो ऐसे अवसरों से सम्बंधित जानकारी देते हैं। छत्तीसगढ़ में एनआरएलएम का बिहान ऐप, छोटे महिला उद्यमियों के लिए हस्तशिल्प उत्पाद और कलाकृति की तस्वीरें अपलोड करने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसके बाद एनआरएलएम इन उत्पादों को बाजार में बेचने में मदद करता है। छत्तीसगढ़ रोज़गार समाचार जैसे ऐप्स हैं जो राज्य में खुली सरकारी नौकरियों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

इसी तरह अन्य निजी स्वामित्व वाले नौकरी प्लेटफ़ॉर्म हैं जहां उपयोगकर्ता के कौशल से मेल खाने वाली नौकरी तलाश की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर एक बढ़ई बढ़ईगिरी के लिए विशिष्ट नौकरियों की तलाश कर सकता है। आपको बता दें कि एम-पीईएसए 2007 के दौरान केन्या में एक मोबाइल फोन आधारित मनी ट्रांसफर सेवा लांच की गई है। मोबाइल मनी सिस्टम तक पहुंच एम-पीईएसए प्रति व्यक्ति खपत के स्तर में वृद्धि हुई और एक लाख 94,000 परिवारों या केन्या की 2% आबादी को गरीबी से बाहर लाया गया।


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