October 29, 2018

सब्जी की खेती से बढ़ी की आमदनी

कभी बड़ी मुश्किल से गुजारा होता था। धान की फसल के बाद खेतों में उत्पादन कुछ करने को नहीं होता था। लेकिन सरकार के उद्यान विभाग से संपर्क में आते ही जैसे तकदीर के पंख लग गए। बीजापुर जिले के ग्राम कुएनार की श्रीमती कीर्ति बनस गंगबेर स्थानीय बीजों का क्रय कर अपने 2.7 हेक्टेयर रकबे के एक हिस्से में लगाकर सब्जी उत्पादन करती थी जिससे लगभग 30 से 35 हजार रूपए की आमदनी प्राप्त होती थी।

उद्यानिकी विभाग के संपर्क में आते ही उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजनातंर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार सब्जी मिनी किट योजना से लाभाविंत कराया गया। उद्यान विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से वर्ष 17-18 में सब्जी मिनी किट योजना के तहत् 0.5 एकड़ में  सब्जी की खेती की जिससे उन्हें अन्य फसलों की तुलाना में अपेक्षाकृत अधिक लाभ हुआ।

यहां पर उन्होंने करेला, बैंगन, सेमी, पपीता, भिण्डीं, बरबटटी के हाईब्रीड बीजों से उत्पादन लिया और लगभग 40 हजार व्यय कर 70 हजार का शुद्ध लाभ प्राप्त किया है। कुछ इसी तरह बीजापुर के नैमेड़ के कृष्णा पटेल व जयराम पटेल की कहानी है। इन्होंने भी उक्त योजनातंर्गत 0.5 हेक्टेयर रकबे में हाईब्रीड सब्जी मिनी किट लगाकर सब्जी का उत्पादन लिया। उद्यान विभाग के सहयोग से ही इन्होंने स्वयं के जमीन पर ट्यूबवेल खनन करवाया। स्थानीय शासकीय उद्यान रोपणी पामलवाया के प्रभारी अधिकारी के मार्गदर्शन में 35 हजार व्यय कर विभिन्न सब्जियों की फसल ली। जिससे उन्हें 65 हजार रूपए अतिरिक्त शुद्ध आय प्राप्त हुई है। अपने स्वयं की जमीन पर ट्यूबवेल खनन कराकर अपनी तकदीर बदलने की ये कहानी सिर्फ कीर्ति, कृष्णा पटेल व जयराम की नहीं है बल्कि आकांक्षी जिला बीजापुर के सैकड़ों किसान आज उद्यानिकी की फसले लेकर आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर है।

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