October 3, 2018

रायपुर और राजनांदगांव में बने विश्वस्तरीय स्टेडियमों से खेलों का गढ़ बन रहा छत्तीसगढ़

बिलासपुर में जारी है अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण, खिलाड़ियों को मिलेंगी सुविधाएं।

हॉकी की नर्सरी में बने पहले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में जब पहली बार आस्ट्रेलिया और भारत की टीमें उतरीं तो संस्कारधानी ने खिलाड़ियों का जमकर स्वागत किया। खचाखच भरा स्टेडियम और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते उनके प्रशंसक। ठीक ऐसा ही माहौल रायपुर के परसदा में बनाए गए शहीद वीरनारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में बने सरदार बल्लभ भाई पटेल स्टेडियम का रहा। इसके बाद खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे योजनाबद्ध प्रयासों से लग रहा है कि हमारा छत्तीसगढ़ अब खेलों का गढ़ बनने जा रहा है।

परसदा में 11 सितंबर 2008 को पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का लोकार्पण होते ही पूरे भारत का ध्यान छत्तीसगढ़ की तरफ आकर्षित हुआ। क्योंकि यह देश का दूसरा सबसे बड़ा मैदान है। यहां मैचों का सिलसिला शुरू होते ही खेल प्रेमियों के बीच सरकार की छबि उभरी। फिर 20 जनवरी 2014 को जब राजनांदगांव का अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम अस्तित्व में आया तो उत्साह चार गुना बढ़ गया। यहां आस्ट्रेलिया और भारत के बीच हुए पहले मैच में दर्शकोें के बीच सरकार की प्रशंसा में नारे लगे। विदेशी खिलाड़ियों ने भी परिसर की जमकर तारीफ की। इस परिसर में अभी भी निर्माण जारी है।

खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। बिलासपुर में राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए 111 करोड़ 84 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यहां आउट डोर और इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इसमें एथलेटिक ट्रैक, सिंथेटिक सतह का हॉकी मैदान एवं इंडोर गेम्स की सुविधाएं भी होंगी। खेल प्रशिाक्षण केंद्र शुरू करने के लिए बजट व पदों की स्वीकृति भी दे दी गई है। इसी तरह 2014-15 में हॉकी एवं तीरंदाजी के लिए आवासीय और गैर आवासीय खेल अकादमी शुरू करने की स्वीकृति भी मिल चुकी है।

कहने का मतलब ये कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और अवसर देने में राज्य सरकार कोई कोर कसर बाकि नहीं रखना चाहती। इसलिए गांव के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र खेल अभ्यास योजना शुरू की गई है। इसके तहत हरेक ब्लॉक के तीन ग्राम पंचायतों में खेल अभ्यास केंद्र खोले जा रहे हैं। इससे पहले 2004-05 में राज्य सरकार ने खेल अलंकरण पुरस्कार शुरू किया। इसके तहत 2016-17 में 75खिलाड़ियों को 53 लाख रुपए दिए गए।

खेल प्रोत्साहन नियम बनाकर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक पाने वाले खिलाड़ियों को नगद राशि, खेल संघों को प्रेरणा निधि, खिलाड़ियों का जोखिम बीमा और अतिविशिष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आजीवन सम्मान निधि दिए गए। इसी तरह युवा शक्ति योजना के तहत युवाओं के लिए रचनात्मक, ज्ञानवर्धक, साहसिक, मनोरंजनात्मक, कला-कौशल के प्रदर्शन, व्यवसायिक मार्गदर्शन से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में खेलों के बढ़ते क्रेज का असर अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान भी दिखाई दिया। सरदार बल्लभ भाई पटेल स्टेडियम में 27 नवंबर से 6 दिसंबर 2015 के बीच वर्ल्ड हॉकी लीग फायनल राउंड मैचों की मेजबानी मिली तो युवा खिलाड़ी झूम उठे। इस आयोजन में इंडिया, अर्जेंटिना, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जीयम, कनाडा, जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन और नीदरलैंड की टीम ने हिस्सा लिया था। इसी तरह 19 फरवरी 2017 को पहली बार नया रायपुर में अंतरराष्ट्रीय मैराथन दौड़ का आयोजन हुआ। इसमें केन्या, इथोपिया एवं यूके के अंतरराष्ट्रीय स्तर के धावकों ने हिस्सा लिया। हॉफ मैराथन लगभग 15000 धावकों ने भाग लिया।

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