October 29, 2018

मजदूरी कर गुजारा करने वाली 80 साल की ब्रिज बाई को मिला खुद का आशियाना, धमतरी मगरलोड के ग्राम भेंडरी की रहने वाली इस बुजुर्ग महिला का सहारा बनी सरकार

राेज मजदूरी कर घर चलाने वाली अकेली बजुर्ग महिला का मकान जर्जर था। प्रधानमंत्री आवास योजना का सहारा मिला और आज 270 वर्ग फीट में उसका खुद का पक्का मकान बनकर तैयार है। हम बात कर रहे हैं धमतरी मगलोड के भेंडरी गांव में रहने वाली ब्रिज बाई की। पिछड़े वर्ग से आने वाली 80 साल की इस महिला का कच्चा मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका था। परिवार में कोई नहीं था, जो उसे सहारा देता। ऐसे में सरकार की इस योजना ने उसकी सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी।

ब्रिज बाई की कहानी पढ़कर आप जान जाएंगे कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऐसे लोगों को सहारा मिल रहा है, जिनके पास कुछ भी नहीं। नवापारा राजिम से6 किमी दूर भेंडरी निवासी ब्रिज बाई की उम्र 80 साल है। इस उम्र में भी उन्हें मेहनत-मजदूरी कर अपना घर चलाना पड़ रहा है क्योंकि उनके परिवार में कोई नहीं। वह अकेले ही रहती हैं। रोज मजदूरी करना और उसी आय से अपना भरण पोषण करना। इसके बाद रात बितती थी जर्जर मकान में। ब्रिज बाई अक्सर सोचती कि पक्का मकान बनवा लूं, फिर उम्र का ख्याल आता और वह मुस्कुरा देती।

वह खुद बताती हैं कि मैं अकेले जीवन यापन कर रही हूं, मजदूरी करके। छोटी सी झोपड़ी में रहती थी। बिजली भी नहीं लगा सकती थी। आज तो खुद का मकान बनकर तैयार हो गया है। मुझे तो जैसे सपनों का महल मिल गया। यह कहते हुए जब वह मुस्कुराईं तो उनकी झुर्रियों से खुशी छलक पड़ी। वे कह रही हैं कि अब संघर्ष पूर्ण जिंदगी से बाहर आ गई हूं। अपने पक्के मकान में रहूंगी और बची हुई जिंदगी चैन से गुजारुंगी।

ब्रिज बाई के मकान की हालत देख भेंडरी के सरपंच-सचिव ने उनका आवेदन बनाया और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसको मंजूरी भी दिलाई। आवास मित्रों ने मकान बनाने में सहायता की। पहले मकान का नक्शा बनाया गया। फिर ले-आउट तैयार कर नींव डाली गई। योजना के तहत उन्हें एक लाख 20 हजार रुपए की स्वीकृति मिली। पहली किस्त में 48 हजार रुपए आए। लेंटर लेवल पर फिर इतनी ही रकम मिली और मकान कंप्लीट होने के बाद 24 हजार रुपए मिले। इसके अलावा मनरेगा से 15 हजार 500 रुपए प्राप्त हुए। इस तरह कुल एक लाख 35 हजार में मकान बनकर तैयार हाे गया।

पहले झोपड़ी थी तो रोशनी भी नहीं आती थी। अब सारी कमी पूरी हो गई। ब्रिज बाई कह रही हैं कि मुझे बहुत खुशी है। आज मेरा पक्का मकान है। इसमें बिजली की व्यवस्था है। शौचालय भी बना दिया गया है। अब कोई मिलने आता है तो उसे साफ-सुथरी जगह पर बैठा सकती हूं। अब किसी बात की कोई चिंता नहीं करती, बल्कि बाकि की जिंदगी सुकून से बिता रही हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गरीबों का सपना साकार किया है।

ब्रिज बाई की तरह भेंडरी के और भी ग्रामीण हैं, जिन्हें आवास योजना का फायदा मिला। इसके अलावा उनके बच्चों को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलें,रसोई गैस आदि का भी फायदा मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को ऐसी ही योजनाएं लानी चाहिए जिससे लोगों का भला हो। ब्रिज बाई सहित भेंडरी के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।


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