October 12, 2018

लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं को कुशल बनाया, दो विश्वविद्यालय और 6 कॉलेजों को नैक ने दिया ए ग्रेड का दर्जा

युवाओं को रोजगार के लिए कुशल बनाने के लिए राज्य के हर जिले में लाइवलीहुड कॉलेज की स्थापना की गई है। इन कॉलेजों में अब तक 42 हजार 379 युवाओं को कौशल विकास में सफलता पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया है और तीन हजार 359 युवाओं की ट्रेनिंग चल रही है। लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षित युवाओं में से 16 हजार 771 नियाेजन प्राप्त हुआ है। युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए दो हजार 663 संस्थाएं व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत शुरुआत से अब तक एक लाख 14 हजार 617 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो चुका है।

अब बात करें उच्च शिक्षा में तरक्की की तो प्रदेश में पहले राजकीय विश्वविद्यालयों की संख्या तीन थी, जो आज आठ हो गई है। इसी तरह कॉलेजों की संख्या 184 से बढ़कर 439 हो गई है। इस तरह उच्च शिक्षा के लिए अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ी है। इससे पहले नैक द्वारा प्रत्यायित एक भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी नहीं थी, लेकिन आज दो विश्वविद्यालय और 6 महाविद्यालय ए ग्रेड हैं। अब तक 70 शासकीय, 47 अशासकीय एवं तीन विश्वविद्यालयों का नैक मूल्यांकन किया जा चुका हे। शासकीय व निजी कॉलेजों को मिलाकर दो लाख 75 हजार स्टूडेंट हैं।

विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए कॉलेज की सीटों में 12 हजार 500 सीटों की वृद्धि की गई है। प्रदेश के लगभग 150 महाविद्यालयों ने अपनी वेबसाइट तैयार कर ली है। राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत राज्य को 30 हजार की छात्र संख्या आवंटित थी। वर्ष 2017-18 तक केंद्र शासन ने 95 हजार 800 की छात्र संख्या आवंटित की। इस तरह 14 वर्षों में छात्र संख्या बढ़कर 60 हजार हो गई। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सभी वर्ग के परिवारों के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा रही है।

ऐसी ही तरक्की तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी हुई है। पहले इंजीनियरिंग के क्षेत्र में मात्र 12 संस्थाएं थीं जो आज 47 हो गई हैं। यहां प्रवेश क्षमता तीन हजार 485 से बढ़कर 19 हजार 297 में हो गई है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में तीन गुणा और प्रवेश क्षमता में 5.5 गुणा वृद्धि हुई है। इसी तरह डिप्लोमा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पहले 10 संस्थाएं थीं, जो बढ़कर 60 हो गई हैं और प्रवेश क्षमता 1495से बढ़कर 10 हजार 702 हो गई है। प्रदेश के हर जिले में शासकीय पॉलीटेक्निक संस्था की स्थापना की जा चुकी है। फार्मेसी, प्रबंधन, एमसीए एवं आर्किटेक्चर संस्थाओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है।

तकनीकी शिक्षा में हुई तरक्की का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज नक्सल प्रभावित इलाकों जगदलपुर, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, सुकमा, कोंडागांव, जगदलपुर, सरगुजा,अंबिकापुर, कोरिया, जशपुर, रामानुजगंज, सूरजपुर आदि में भी पॉलीटेक्निक कॉलेज खुल चुके हैं। रोजगार परक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ में कम्युनिटी कॉलेज की स्थापना शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर और किरोड़ीमल शासकीय पॉलीटेक्निक रायगढ़ में की गई है।

युवाओं को संचार माध्यमों से जोड़ने और इस सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने के उद्देश्य से युवा संचार क्रांति योजना शुरू की गई, जिसके तहत 2015-16 में कुल 43 हजार 490 छात्र-छात्राओं को टेबलेट और 17 हजार 152 को लैपटाप की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में 60 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। 2016-17 तक कुल 62 हजार 124 को टेबलेट और 16हजार 804 छात्र-छात्राओं को लैपटाप बांटा गया।d

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