October 16, 2018

गूगल पर ढूंढती हैं नामचीन कलाकारों के चित्र और किताबें तलाश कर नॉलेज बढ़ा रही हैं पिंकी

मोबाइल के जरिए इंटरनेट पर सर्फ करना आसान हो गया है। अब वह नामचीन कलाकारों के चित्र सर्च करती हैं। ऑन लाइन किताबें भी पढ़ रही हैं। हम बात कर रहे हैं बलौदा बाजार के मिनी माता कन्या कॉलेज में पढ़ने वाली पिंकी साहू की। उन्हें पेंटिंग का शौक है। घर पर ही कैनवास पर रंग बिखेरना और उन्हें निहारना अच्छा लगता है। स्काई योजना के तहत मोबाइल मिलते ही गूगल पर पहला सर्च इसी के लिए किया। नामचीन कलाकारों के पेंटिंग देखे। फिर किताबों की तलाश शुरू हुई।

पिंकी खुद कहती हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छात्राओं को मोबाइल देकर बहुत ही अच्छा काम किया है। गरीब परिवार ऐसी चीजों पर खर्च नहीं करना चाहता। उसका एक कारण ये भी है कि ऐसे संसाधनों के उपयोगी होने की जानकारी भी उन्हें नहीं होती। आर्थिक तंगी सबसे बड़ा अड़ंगा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्काई योजना के तहत मोबाइल देकर गरीबों का सपना पूरा कर दिया है। उनकी सहेलियां भी अब बेहतर तरीके से पढ़ाई कर पा रही हैं। सहेलियों के साथ वीडियो कॉलिंग के जरिए बात होती है। वाट्सएफ ग्रुप पर चैटिंग भी हो पा रही है। इससे ग्रुप डिस्कशन का भी अच्छा अवसर मिल रहा है। जाहिर है पढ़ाई भी बेहतर होगी।

पिंकी के पिता कार्तिक राम और मां गीता बाई मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं। दूसरों के खेत में काम करते हैं। वहां से जो कमाई होती है, उसी से परिवार चलता है। इसी कमाई से पैसा बचाकर पापा ने एक मोबाइल लिया था, जो उन्हीं के पास रहता है। वे घर से बाहर जाते तो हमें उनके आने का इंतजार करना पड़ता। भाई भानू प्रताप और बहन बरखा की पढ़ाई में भी इंटरनेट सहायक है, लेकिन एक ही मोबाइल होने की वजह से हम उसका फायदा नहीं उठा पा रहे थे। सरकार ने स्काई योजना के तहत मोबाइल देकर हमारी समस्या ही सुलझा ली है।

गूगल पर सर्च करने से ऐसे-ऐसे एपलीकेशन मिलते हैं कि क्या बताएं? आप अपने घर का बजट और खर्च का हिसाब-किताब भी उसी में रख सकते हैं। कुछ खरीदना हो तो बाजार जाने की जरूरत नहीं। मोबाइल पर ही शॉपिंग हो सकती है, वह भी बेहद सस्ते दामों पर। इससे नेट बैंकिंग और कैशलेस ट्रांजेक्शन में भी काफी मदद मिल रही है। पिंकी ने बताया कि सहेलियों के साथ बैठकर वे ऐसे एपलीकेशन शेयर करती हैं।

इंटरनेट पर जाएं तो पढ़ाई के लिए अच्छी से अच्छी किताब उपलब्ध है। बच्चों को पढ़ाने के लिए भी काफी कुछ है। कविताएं, कहानियां, लघुकथाएं आदि। पिंकी का कहना है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में ही अपना कॅरियर बनाना चाह रही हैं। वह बच्चों को पढ़ाकर उनका भविष्य संवारने की इच्छुक हैं। उन्हें लगता है कि वे बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकती हैं। वे कहती हैं कि इंटरनेट नॉलेज का खजाना है। बस इस खजाने का सही इस्तेमाल करना आना चाहिए, आपको मालामाल होते टाइम नहीं लगेगा।

स्मार्टफोन वित्तीय साक्षरता और समावेशन में सुधार में भी मदद करते हैं। देखें कि मोबाइल के जरिए विदेशों में इसके लिए कैसे प्रयोग हो रहे हैं और क्या नया किया जा रहा है। एम-पीईएसए2007 के दौरान केन्या में एक मोबाइल फोन आधारित मनी ट्रांसफर सेवा लांच की गई है। केन्या मोबाइल मनी सिस्टम तक पहुंच एम-पीईएसए प्रति व्यक्ति खपत के स्तर में वृद्धि हुई और एक लाख 94,000 परिवारों या केन्या की 2% आबादी को गरीबी से बाहर लाया गया।

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