August 23, 2018

छत्तीसगढ़ः कौशल विकास योजना का लाभ उठा पिछड़े इलाकों के युवा लिख रहे नई इबारत

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विषमताओं की चुनौतियां लंबे समय से सरकार और आम जनता के समक्ष फन फैलाए हुए खड़ी हैं। लेकिन अब यह परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है और इन छोटे और पिछड़े इलाकों से निकलकर प्रदेश के युवा, मेट्रो शहरों में नाम और आजीविका दोनों ही कमाने में सक्षम हो रहे हैं, जिसका श्रेय जाता है, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई "मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना" को।

संसाधनों के अभाव में ये युवा, न तो अपनी पढ़ाई पूरी कर पाते थे और न ही कमाई के बेहतर साधन खोज पाते थे। इन युवाओं में कौशल की कमी होती थी और इस वजह से ही इन्हें स्थाई आजीविका के साधन खोजने के लिए बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती थी।

नक्सल प्रभावित राज्य होने की वजह से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विषमताओं की चुनौतियां लंबे समय से सरकार और आम जनता के समक्ष फन फैलाए हुए खड़ी हैं। लेकिन अब यह परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है और इन छोटे और पिछड़े इलाकों से निकलकर प्रदेश के युवा, मेट्रो शहरों में नाम और आजीविका दोनों ही कमाने में सक्षम हो रहे हैं और इसका श्रेय जाता है, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना को।

संसाधनों के अभाव में ये युवा, न तो अपनी पढ़ाई पूरी कर पाते थे और न ही कमाई के बेहतर साधन खोज पाते थे। इन युवाओं में कौशल की कमी होती थी और इस वजह से ही इन्हें स्थाई आजीविका के साधन खोजने के लिए बड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती थी। आर्थिक तंगी से जूझते इन युवाओं और उनके परिवारों को छत्तीसगढ़ सरकार ने कौशल विकास योजना का बेशक़ीमती तोहफ़ा दिया है।

अब ये युवा अपनी क्षमताओं का आकलन कर कौशल विकास योजना का लाभ उठा रहे हैं और राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में रोज़गार कमा रहे हैं। अच्छे रोज़गार की बदौलत, इन युवाओं के अंदर न सिर्फ़ आत्मविश्वास पैदा हो रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बसे इनके परिवारवालों को भी आर्थिक संबल मिल रहा है। आपको बता दें कि इस योजना का लाभ न सिर्फ़ ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के लड़के उठा रहे हैं, बल्कि लड़कियां भी प्रदेश सरकार की इस योजना का भरपूर लाभ उठा रही हैं और सामाजिक रूढ़ियों को मात दे रही हैं।

इसका एक बेहद उम्दा उदाहरण तब सामने आया, जब छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के रहने वाले कुछ युवक-युवतियां कलेक्टर साहिबा को धन्यवाद देने उनके दफ़्तर पहुंचे। दरअसल, ये युवा जशपुर ज़िले के रहने वाले हैं और अब राजधानी दिल्ली में 15-20 हज़ार रुपए की नौकरी कर रहे हैं। जशपुर लौटने पर ये युवा सीधे कलेक्टर ऑफ़िस पहुंचे और कलेक्टर डॉ. शुक्ला के सामने आभार प्रकट किया। इस मुलाक़ात के बाद डॉ. शुक्ला ने अपने ट्वीट में लिखा, "मुझे जशपुर ज़िले की इन लड़कियों पर गर्व है। अपने कौशल की बदौलत ये लड़कियां न सिर्फ़ लिंग आधारित भेदभाव की सीमाओं को पीछे छोड़ रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से अपने परिवार की मदद भी कर रही हैं। इसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री कौशल विकास को जाता है।"

जशपुर ज़िले के फरसाबहार विकासखंड की कुमारी सुष्मिता दिल्ली के डीपीएस स्कूल में सिक्यॉरिटी गार्ड की नौकरी कर रही हैं। वहीं विकासखंड महुवाडीह की कुमारी संतोषी दिल्ली के फ़ायर ऐंड सेफ़्टी विभाग और उनके भाई दीपक प्रजापति, ताज होटल में सिक्यॉरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे हैं। ये सभी, छुट्टी पर जशपुर स्थित अपने निवास स्थान पर आए हुए थे और इस मौक़े पर, ज़िले की कलेक्टर डॉ. शुक्ला से मिलने उनके दफ़्तर पहुंचे थे। सभी सिर्फ़ 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई ही पूरी कर सके थे और आर्थिक तंगी की वजह से इन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी। शिक्षा के अभाव में इन युवाओं के पास रोज़गार के विकल्प न के बराबर थे, लेकिन मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना की बदौलत इन्हें कुशल व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला और ये सभी युवा एक अच्छे रोज़गार के साथ सुलभ जीवन जी रहे हैं। जशपुर की तरह छत्तीसगढ़ के अन्य ज़िलों के युवा भी, कौशल विकास कार्यक्रम का लाभ उठाकर, ऐसी ही नई इबारत लिख रहे हैं।

छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां पर युवाओं को मनपसंद व्यवसायों में तकनीकी प्रशिक्षण पाने का क़ानूनी अधिकार मिला है। इस संबंध में 2013 में प्रदेश सरकार ने ‘कौशल विकास अधिकार अधिनियम 2013’ लागू किया था। रमन सिंह सरकार द्वारा शुरू किए इस कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 804 पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। राज्य के युवा, सीएसएसडीए (CSSDA) पोर्टल और ऐप के माध्यम से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अपना पंजीकरण करा सकते हैं और सरकारी कार्यक्रमों का लाभ उठा सकते हैं। इतना ही नहीं, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने घोषणा की है कि युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल स्वरोज़गार योजना की भी शुरुआत की जाएगी, जिसमें स्किल्ड युवाओं में से चयनित युवाओं को स्वरोज़गार हेतु अपना व्यवसाय प्रारंभ स्थापित करने हेतु सहायता ऋण बतौर अनुदान दिया जाएगा।

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